Tuesday, 12 January 2016

राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर,राजगीर


राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर,राजगीर
   15-16 जुलाई 2016
       देश और प्रदेश का निर्माण तभी संभव है जब आम लोगों के व्यक्तित्व का उचित निर्माण होगा और आम लोगों से पहले नेतृत्व वर्ग के लोगों को सम्पूर्ण रूप से नैतिकवान होना पड़ेगा | आज देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्ज़ियाँ उड़ाई जा रही है और आम लोगों की नैतिकता का अधोपतन हो  रहा है | ऐसे वक़्त में संवेदनशील व्यक्ति को आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में आ रही कमियों को रेखांकित करते हुए इस दिशा में अथक प्रयास करना होगा |उक्त बातें जन अधिकार पार्टी(लो.) के  तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए माननीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने कही | उन्होने कहा की देश की  सारी राजनैतिक पार्टियों के  नेताओं के द्वारा सुप्रीमो संस्कृति के प्रचलन से कार्यकर्ता में हताशा और आम लोंगों में निराशा की भावना बढती जा रही है | उन्होने कहा कि मुट्ठी भर लोंगों ने विश्व की अधिकांश सम्पदा पर कब्जा जमा लिया है | कई तरह की असमानता से जूझ रहे इस संसार को बदलने का प्रयास आदि अनादि काल से चल रहा है | किन्तु आज तक भी सब लोंगों के सामने यह अनुत्तरित सवाल मुँह बाएं खडा है की कैसे इस गैर बराबरियों को मिटाया जा सकता है |
सदा शिव से लेकर बुद्ध,महावीर,कबीर,नानक ,रैद्दास,ज्योतिवाफुले,रामास्वामी पेरियार,विवेकानंद,राजाराम मोहन राय, दयानंद सरस्वती, अरविन्द घोष,सुभाष चन्द्र बोस , भगत सिंह,चंद्रशेखर आजाद , बाबा साहेब आंबेडकर ,डा.राम मनोहर लोहिया,जय प्रकाश नारायण,कर्पूरी ठाकुर,जैसे कई लोंगों ने बदलाव की लम्बी लड़ाई लड़ी है | इस कड़ी को और आगे बढ़ाना है | इस शिविर में आये हुए हमसे जुड़े और पार्टी से जुड़े लोगों का हार्दिक स्वागत है | आप सबों के अंदर असीम संभावनाएं है | इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से आप अपनी छिपी हुई ताकत को पहचानकर सामाजिक , राजनैतिक , आर्थिक व सांस्कृतिक बदलाव की नई कहानी गढ़े |
सांसद श्री राजेश रंजन जी ने कहा की सभ्यता के प्रारंभ से ही गरीब और कमजोर लोगों से विभिन्न तरह के कर वसुले जाते है और उन्हें ही सबसे अधिक दमन का शिकार होना पड़ता है | हमेशा से लोगों ने शोषण और उत्पीडन के लिए नए – नए तरीकों का इजाद किया है | कभी अन्धविश्वास तो कभी कर्मकांड ,कभी जाति तो कभी धर्म , कभी राज्य तो कभी राष्ट्र के नाम पर आम लोगों को उल्लू बनाकर शासन और शोषण किया जाता रहा है.आम लोगों के पेट और आत्मा दोनों पर सदा से चोट किया जा रहा है | शासकों द्वारा आम लोगों की जिन्दगी जीने की आदत को ख़त्म कर दिया जाता है | श्री यादव जी ने कहा की गिरोह बनते जा रहे रहे राजनितिक पार्टियों के जंजाल से आम लोंगों की निजात हेतु हम लोगों ने जन अधिकार पार्टी की स्थापना की है देश की सारी पार्टियों के नेताओं को देश और समाज की चिंता नहीं है उन्हें बस अपने परिवार की फिक्र है | लेकिन मुझे पीड़ा है देश की , बिहार की और आप सब की.आपके दर्द को अपना दर्द महसूसते है | आपसे गुजारिश है आप भी अपने चारों तरफ के लोगों का दर्द समझे और उनके खातिर संघर्ष करें | मेरा सम्बन्ध आप सब से पितृत्व,मातृत्व व भातृत्व भाव का है | मेरा स्वभाव शुरु से ही विद्रोही रहा है | आपको भी विद्रोही बनना होगा | तभी आपका और आपके समाज का कल्याण होगा |
   उन्होंने कहा की इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में एक से एक विद्वान अपने विचारों से आपको लैश करेंगे | आप धैर्य से उनकी बातों को सुनकर गंभीरता से अपने जीवन में उतारें | आप प्रश्नोत्तर काल में उनसे सवाल – जवाब भी कर सकते है |
      उद्द्घाटन भाषण से पूर्व पार्टी के संरक्षक महोदय ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत करने की घोषणा की | इस अवसर पर प्रदेश प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने मंच पर पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री मो. अखलाक अहमद,बिहार प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुपति सिंह, पूर्व विधायक अजय कुमार बुल्गानिन, राष्ट्रीय महासचिव राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा, प्रेम सिंह,राजेश रंजन पप्पू,अकबर अली परवेज़,राजेश झा,ललित शर्मा,अमर नाथ झा,प्रेम कुमार सिंह,माहताब आलम,मंजयलाल,आदि सहित सभी वरिष्ठ नेताओं को मंच पर आमंत्रित किया .
     इस शिविर के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व मंत्री मो. अखलाक अहमद ने कहा की इस दो दिवसीय कार्यक्रम में आप सभी कार्यकर्ता अगर ध्यान से विद्वान प्रशिक्षकों की बातों पर गौर करेंगे तो आप हीरा बनकर चमकेंगे | आपकी चमक से फिर बिहार और बाद में देश भी चमकेगा | इन दो दिनों के बाद अपने क्षेत्रों में जा कर राष्ट्रीय, प्रान्तिय व स्थानीय मुद्दों पर आम अवाम को जागरूक करेंगे | लोगों से उनकी तकलीफ सुनकर उनके निराकरण हेतु मुकम्मल संघर्ष का रुख अख्तियार करेंगे |
       इस शिविर में आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने कहा की बिहार के शिक्षा, स्वास्थ्य , आवास एवं रोजगार के मुद्दों के अतिरिक्त कई ज्वलंत समस्यायों पर गंम्भीर चर्चा में शरीक होने के लिए आपका हार्दिक स्वागत है | राजनितिक दलों में समाप्त हो रहे प्रशिक्षण की परम्परा  को जन अधिकार पार्टी ने नए एवं वैज्ञानिक तरीके से शुरुआत की है | इंसान को इंसान से जोड़ने की तरकीब पर बात करनी है | बाढ़ और सुखाड़ से प्रभावित बिहार के लोगों की आमदनी कैसे बढाई जाये तथा रोजगार के अवसर कैसे मुहैया हो इन सब बिन्दुओं पर भी हम लोग चर्चा करेंगे |
          इस प्रशिक्षण शिविर का मंच संचालन करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने प्रथम दिन के प्रथम सत्र के प्रथम वक्ता के रुप में चर्चित लेखक व पत्रकार दिलीप मंडल को मंच आमंत्रित करते हुए उनका एक सामाजिक व विश्लेषक के तौर पर परिचय कराया |
    पत्रकार दिलीप मंडल ने अपनेव्याख्यान के विषय “गाँधी बनाम सुभाष और अम्बेडकर:राष्ट्र निर्माण के प्रश्न” पर अपनी बात रखते हुए कहा की भारतीय इतिहास में गाँधी को आवश्यकता से ज्यादा और सुभाष चन्द्र बोस तथा बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को आवश्यकता से कम महत्व मिला है | भारत की आज़ादी में गाँधी जी को ज्यादा श्रेय दिया जाता है जो सर्वथा उचित नहीं है | सुभाष चन्द्र बोस तथा बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का दृष्टिकोण गाँधी से ज्यादा समाजपयोगी था | गाँधी सतही तौर पर सत्य और अहिंसा पर बात करते थे व्यावहारिक तौर पर वे बिलकुल अलग थे | उनकी वक्तव्यों से कई बार हिंसा की धमक मिलती थी | पूना पैक्ट परे दिए गए उनके वक्तव्यों से उनकी मनसा जग जाहिर हो गयी थी | वे जाति विहीन समाज की बात कभी नहीं करते थे बल्कि जातिवाद के वे प्रबल समर्थक थे | उनकी पुस्तक हिंदी स्वराज एवं यंग इंडिया में कई जगहों पर इसका जिक्र  हैं |
           श्री मंडल ने कहा कि सुभाष और आंबेडकर के क्रान्तिकारी और प्रगतिशील विचारों पर देश में कम काम हुआ है | उनके विचारों को लेकर आगे चलने की आवश्यकता है उन्होंने सुभाष और आंबेडकर के बारे में सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा पढने की सलाह दी |
       उन्होंने कहा की गाँधी की अदुरदर्शिता की वजह से ही भारत का विभाजन हुआ |वरना धर्म के आधार पर कभी भी दुनिया में कहीं भी राष्ट्र का निर्माण नहीं हुआ |
बाबा साहेब के अनुसार साझा सुख,साझा दुःख,और साझा सपनो के आधार पर ही राष्ट्र का निर्माण होता है |
   भारत में प्राचीन काल से ज्ञान व अध्ययन किसी खास जाति के अधीन रही है | स्वतंत्रता के बाद भी इसमें कई तरह की विसंगतियां है | राष्ट्र के निर्माण में यहाँ के बहुसंख्यक आबादी को महत्व कम मिला है | उन्होंने कहा की इस पार्टी को दलित और मुस्लिम समीकरण बनाने पर जोर देना चाहिए | इस समीकरण के माध्यम से कई सकारात्मक पहलु नज़र आयेंगे |
      शिविर कार्यक्रम
15 जुलाई 2016
प्रथम दिन –(प्रथम सत्र) –
प्रो. दिलीप मंडल  - गाँधी बनाम सुभाष व अम्बेदकर : राष्ट्र निर्माण के प्रश्न
श्री वशिष्ठ दुबे – आध्यात्म और नैतिकता
श्री गणेश भट्ट – आर्थिक प्रजातंत्र
दूसरा सत्र –
श्री आचार्य वन्दनानंद अवधूत – धर्म और सामाजिक प्रगति
प्रो. रवि प्रताप सिंह – पूंजीवादी शोषण और प्रजातंत्र
श्री दिलीप मंडल – सोशल मीडिया और राजनीति
डॉ. अमन आनंद – नेतृत्व क्षमता और राजनितिक कार्यकर्ता (अमेरिका से विडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा)
त्रितीय सत्र – अँधा मानव (नाटक )
प्रद्युमन सिंह की प्रस्तुति
15 जुलाई 2016 
 प्रथम सत्र – ई. कानू चरण बोहरा – सहकारिता एवं आत्मनिर्भरता
डॉ.सुष्मित कुमार – समाजवाद एवं पूंजीवाद (अमेरिका से विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वार )

प्रश्नोत्तर काल –दूसरा सत्र – श्री चन्द्र नारायण प्रसाद –विश्व के सभी मानव एक है
त्रितीयसत्र –
सांसद श्री राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव – समापन संबोधन
त्रितीय सत्र –
सुगम एवं शास्त्रीय संगीत
(नोट-इन विषयों पर अगले अंक में विस्तार से)